परिषद ने राष्ट्रमाता जिजाबाई की 419वी जयंती धूम-धाम से मनाई

छत्रपति शिवाजी विद्यार्थी परिषद ने राष्ट्र माता जिजाबाई जयंती का आयोजन किया। महाराष्ट्र से आए प्रशिद्ध इतिहासकार डॉ वशंत केशवराव मोरे और advocate प्रशांत पाटिल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की ।
जिसमे परिषद के अध्यक्ष गौरव मराठ पिचौलिया ने कहा की वीर माता जीजाबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा की माता जीजाबाई का जम्म 12 जनवरी 1598 को सिंदखेड़ नामक गाव में हुआ था।

वीरमाता जीजाबाई ने अपनी कोख से वीर पुत्र छत्रपति शिवाजी महाराज को जन्म दिया ।वीर माता जीजाबाई छत्रपति शिवाजी की माता होने के साथ-साथ उनकी मित्र, मार्गदर्शक और प्रेरणास्त्रोत भी थीं। माता जीजाबाई ने छत्रपति शिवाजी को बचपन से ही राजनीतिएवं युद्ध की शिक्षा दी थी
उनका सारा जीवन साहस और त्याग से भरा हुआ था। उन्होने जीवन भर कठिनाइयों और विपरीत परिस्थितियों को झेलते हुए भी धैर्य नहीं खोया और अपने ‘पुत्र ‘शिवा’ को वे संस्कार दिए, जिनके कारण वह आगे चलकर हिन्दवी स्वराज्य की स्थापना करके ‘छात्रपति शिवाजी महाराज’ बना। जीजाबाई असाधारण प्रतिभाशाली थी। जीजाबाई जाधव वंश की थी और उनके पिता एक शक्तिशाली सामन्त थे। शिवाजी महाराज के चरित्र पर माता-पिता का बहुत प्रभाव पड़ा। बचपन से ही वे उस युग के वातावरण और घटनाओँ को भली प्रकार समझने लगे थे।
जिसमे कमलजीत मैहला, हिशम मराठा, स्वामी जी, हनुमंत हणमंत माने अन्य सभी साथी मौजूद थे